ज्ञान, गुरमत और उज्ज्वल भविष्य का संगम : गुरु-सिख विद्यार्थियों हेतु शिक्षा–सेवा का प्रेरणादायी अभियान

Spread the love

ज्ञान, गुरमत और उज्ज्वल भविष्य का संगम : गुरु-सिख विद्यार्थियों हेतु शिक्षा–सेवा का प्रेरणादायी अभियान

“सतिगुर की सेवा सफल है जे को करे चितु लाइ॥”
(अंग क्रमांक 552)

भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में शिक्षा को सदैव केवल आजीविका अर्जित करने का साधन नहीं माना गया, अपितु मनुष्य के समग्र विकास, चरित्र निर्माण और समाज कल्याण का माध्यम समझा गया है। जब शिक्षा के साथ सेवा, संस्कार और अध्यात्म का समन्वय हो जाए, तब वह केवल डिग्री नहीं देती, अपितु वह जीवन का निर्माण करती है। इसी महान दृष्टि को मूर्त रूप देने का एक प्रेरणादायक प्रयास, प्रत्येक वर्ष की तरह Guru Nanak Dev Engineering College, Bidar (Karnataka) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए प्रारंभ किया गया है।

यह पहल विशेष रूप से देशभर के उन योग्य और प्रतिभाशाली गुरु-सिख विद्यार्थियों के लिए आशा का प्रकाश बनकर सामने आई है, जिनके पास क्षमता तो प्रचुर है, पर आर्थिक सीमाएँ उनके उच्च शिक्षा के स्वप्न के मार्ग में बाधा बन जाती हैं। संस्था ने इस वर्ष Bachelor of Engineering (B.E.) के लिए 20 सीटें ऐसे चयनित गुरु-सिख विद्यार्थियों हेतु निर्धारित की हैं, जिन्हें Fully Paid Scholarship Support के अंतर्गत संपूर्ण शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाएगी।

यह केवल छात्रवृत्ति नहीं, अपितु गुरु परंपरा की उस जीवंत भावना का विस्तार है जिसमें शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का संकल्प निहित है। गुरुवाणी का यह अमर संदेश इस दृष्टि को स्पष्ट करता है—

“विदिआ विचारी ताँ परउपकरी॥”
(अंग क्रमांक 356)

अर्थात् जब विद्या का मनन और चिंतन किया जाता है, तभी वह मानवता के लिए कल्याणकारी बनती है।

गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब की सहयोगी संस्था के रूप में कार्यरत यह प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान वर्षों से ऐसे विद्यार्थियों को अवसर देता आया है जिनकी प्रतिभा आर्थिक संसाधनों की कमी से दब जाती है। यहाँ विद्यार्थियों को केवल इंजीनियरिंग शिक्षा ही नहीं दी जाती, अपितु उनके संपूर्ण व्यक्तित्व विकास की जिम्मेदारी भी संस्था उठाती है। चार वर्षीय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के दौरान शिक्षा, छात्रावास, भोजन व्यवस्था तथा आवश्यक शिक्षण सामग्री तक का व्यय संस्था द्वारा वहन किया जाता है।

कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों के लिए अलग छात्रावास व्यवस्था, अनुशासित वातावरण, सुरक्षा, अध्ययन के अनुकूल वातावरण तथा आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी आर्थिक चिंता से मुक्त होकर पूर्ण समर्पण के साथ अपने अध्ययन और आत्म-विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

इस योजना की विशेषता केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है। छात्रवृत्ति प्राप्त विद्यार्थी हॉस्टल परिसर स्थित गुरुद्वारा साहिब की सेवा को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाते हैं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश एवं सुखासन की सेवा, नियमित नितनेम, कीर्तन और गुरमत अभ्यास उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनते हैं। इस प्रकार तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का भी विकास होता है। परिणाम स्वरूप ऐसे विद्यार्थी केवल सफल इंजीनियर नहीं, अपितु आदर्श नागरिक और समाज के उत्तरदायी सेवक बनकर उभरते हैं।

संस्था की Vice Chairperson डॉ. रेशमा कौर के अनुसार, इस अवसर का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी आज देश और विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में उत्कृष्ट पदों पर कार्यरत हैं। कुछ पूर्व विद्यार्थियों ने अत्यंत उच्च स्तर की पेशेवर सफलता अर्जित कर अपने परिवारों और गुरु पंथ का नाम गौरवान्वित किया है। यह तथ्य इस बात का प्रमाण है कि सही अवसर मिलने पर प्रतिभा सीमाओं को पार कर सकती है।

चयन प्रक्रिया भी अत्यंत व्यवस्थित और पारदर्शी रूप से सम्पन्न होती है। जानकारी के अनुसार यह प्रक्रिया महाराष्ट्र के पूर्व DGP डॉ. पी.एस. पसरिचा की देखरेख में मुंबई में आयोजित की जाती रही है। वर्ष 2025 में भी देश के विभिन्न राज्यों से आए अनेक विद्यार्थियों में से चयनित गुरु-सिख युवाओं को इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया।

आज आवश्यकता इस बात की है कि इस संदेश को देश के प्रत्येक गुरु-सिख परिवार तक पहुँचाया जाए। यदि आपके परिवार, परिचितों, संगत या सामाजिक दायरे में ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्होंने 10वीं एवं 12वीं में 60% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं और इंजीनियरिंग शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं, तो उन्हें इस अवसर की जानकारी अवश्य दें।

संभव है कि आपकी एक साझा की हुई सूचना किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदल दे। शिक्षा का दिया हुआ अवसर केवल एक विद्यार्थी का नहीं अपितु पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र का भविष्य प्रकाशित करता है।

आइए, गुरु साहिबान की शिक्षा को जीवन में उतारते हुए ज्ञान, सेवा और अवसर की इस सुंदर पहल को देश के कोने-कोने तक पहुँचाएँ।

आपके द्वारा पोस्ट की गई एक सूचना – किसी गुरसिख विद्यार्थी का भविष्य बदल सकती है।

– सादर
डॉ. रणजीत सिंह ‘अर्श’
लेखक | ब्लॉगर | व्याख्याता 

 

Spread the love

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *