ੴ ਸਤਿਗੁਰੂ ਪ੍ਰਸਾਦਿ॥
WELCOME TO ARSH.BLOG
ੴ सतिगुर प्रसादि
इस ब्लॉग में टीम खोज-विचार द्वारा प्रस्तुत पंथ-
प्रमाणित आलेख, पुस्तकें, शोध पत्र, वीडियो
क्लिप्स और श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की
संपूर्ण जीवन यात्रा से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी
विस्तृत रूप में उपलब्ध है। यह सामग्री हिंदी,
अंग्रेजी और गुरमुखी- तीनों भाषाओं में सुलभ है।
(मार्गदर्शक: इतिहासकार सरदार भगवान सिंह 'खोजी')
सिख इतिहास और गुरबाणी के प्रचार-प्रसार हेतु टीम ‘खोज-विचार’ द्वारा रचित समस्त आलेख, पुस्तकें, शोध-पत्र एवं वीडियो क्लिप्स का संकलन इस ब्लॉग – ARSH.BLOG – पर डिजिटल रूप में संग्रहीत एवं प्रकाशित किया गया है। यह मंच श्रद्धा, शोध और सेवा के समर्पण से सुसज्जित एक प्रमाणिक स्रोत है, जो पाठकों को सिख इतिहास, गुरबाणी और अध्यात्म के सच्चे स्वरूप से जोड़ता है। विशेष रूप से, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की ऐतिहासिक यात्राओं पर आधारित तीन खंडों में प्रकाशित ग्रंथ ‘सफर-ए-पातशाही नौवीं’ इस ब्लॉग की प्रमुख कृति है, जिसमें नवम पातशाह जी के चरण-चिन्हों को ऐतिहासिक साक्ष्यों और मानचित्रों सहित विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। यह ब्लॉग एक आध्यात्मिक शोध-पथ है, जहाँ श्रद्धा और सत्य की खोज निरंतर चलती है।
All the articles, books, research papers, and video clips created by Team Khoj-Vichar for the propagation of Sikh history and Gurbani are collected and published digitally on this blog – ARSH.BLOG. Enriched with devotion, research, and the spirit of service, this platform stands as an authentic source that connects readers with the true essence of Sikh history, Gurbani, and spirituality.
A highlight of the blog is the three-volume masterpiece “Safar-e-Patshahi Navin”, which chronicles the historic journeys of Sri Guru Tegh Bahadur Sahib Ji, presenting His sacred footprints in detail with historical evidence and illustrative maps.
ARSH.BLOG thus serves as a spiritual path of research, where the quest for truth and reverence continues unceasingly.
लेखक का मनोगत:-
✍️डॉ.सरदार रणजीत सिंह अरोरा 'अर्श'
प्रत्येक इंसान को उस प्रभु-परमेश्वर ने कुछ विशेष प्रकार की प्रतिभाओं से नवाजा है। यदि इंसान अपनी इन प्रतिभाओं को पहचानकर और उसे निखार कर समाज के सम्मुख लाने पर, वो इंसान अपनी इन विशेष प्रतिभाओं से समाज हित में कई उत्तम कार्यों को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकता है।
कोरोना संक्रमण के लॉकडाउन कॉल में मैंने अप्रैल 2020 से अपनी लेखन की प्रतिभा को पहचान कर अपने लेखन कार्य के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं पर, विभिन्न विषयों पर, विशेषकर गुरबाणी और सिख इतिहास पर टीम खोज-विचार के द्वारा आज तक रचित सभी लेखों के संग्रहण को इस ब्लॉग ARSH.BLOG के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है।
प्रमुख सम्मान एवं संबद्धताएँ –
- मानद डाॅक्टरेट उपाधि – गुरुवाणी और सिख इतिहास विषय में विशिष्ट योगदान हेतु, विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग (आंतरराष्ट्रीय मानांकन प्राप्त संस्था) द्वारा सम्मानित।
- सेल्फ पब्लिशिंग में उद्यमिता – विश्व मराठी परिषद द्वारा विशेष मान्यता।
- कथा लेखन में उल्लेखनीय योगदान – विश्व मराठी परिषद द्वारा सम्मान।
- सक्रिय सदस्य – विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग (आंतरराष्ट्रीय मानांकन प्राप्त संस्था)।
- प्रथम अंतरराष्ट्रीय रबाबी भाई मरदाना जी कॉन्फ्रेंस में सहभागिता।
- व्यवस्थापन समिति सदस्य – गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, गणेश पेठ, पुणे।
- वरिष्ठ संवाददाता – भारत डायरी, पुणे से प्रकाशित हिंदी दैनिक में मातृभाषा हिंदी एवं समाज सेवा हेतु सक्रिय लेखन।
- पूना कॉलेज ऑफ आर्ट, साइंस व कॉमर्स, पुणे – विश्व हिंदी दिवस राष्ट्रीय संगोष्ठी में मातृभाषा हिंदी की सेवा पर विशेष सहभागिता।
- राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना – संत कबीर जयंती पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में “संत कबीर साहित्य की वर्तमान प्रासंगिकता” विषय पर वक्ता।
- नागरी लिपि परिषद, नई दिल्ली (पंजीकृत) – स्वर्ण जयंती अंतरराष्ट्रीय नागरी लिपि संगोष्ठी में प्रपत्र वाचक एवं वक्ता के रूप में सहभागिता।
- विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान – ‘श्री नारायण राव रामटेक स्मृति सम्मान’ से सम्मानित (हिंदी सेवा, समाज सेवा एवं बहुआयामी प्रतिभा हेतु)।
- ‘संत श्री कबीर सम्मान’ – राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना केंद्र, उज्जैन द्वारा दिनांक 22 जून 2024 को आयोजित आठवें संत कबीर दास जयंती समारोह में प्रदान किया गया।
- स्व. डाॅ. शहाबुद्दीन स्मृति सम्मान – पूर्व राष्ट्रीय संयोजक पुणे की स्मृति में राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना केंद्र उज्जैन द्वारा प्रदान।
- 205वीं (40वीं) राष्ट्रीय आभासी संगोष्ठी – विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान द्वारा 30 जून 2024 को आयोजित प्रगतिवादी युग: नागार्जुन (कवि एवं उपन्यासकार) विषयक गोष्ठी में स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत कर सहभागिता की।
- शोध पत्र “भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर और सिख धर्म” – अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘शोध समालोचन’ (ISSN: 2348-5639) के जनवरी–मार्च 2025 अंक (खंड 12, अंक 1) में प्रकाशित।
इस उत्कृष्ट शोध-कार्य हेतु डॉ. ‘अर्श’ को ‘Girdhari Lal Ghasi Ram Sihag Research Excellence Award’ से सम्मानित किया गया।
- शोध पत्र “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की वाणी में भक्त कबीर” – अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘शोध समालोचन’ (ISSN: 2348-5639) के अप्रैल-जून 2025 अंक (खंड 12, अंक 2) में प्रकाशित।
- शोध पत्र “कामागाटा मारू: सिखों के संघर्ष की अद्भुत-अनोखी दास्तान ” – अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘शोध समालोचन’ (ISSN: 2348-5639) के अप्रैल-जून 2025 अंक (खंड 12, अंक 2) में प्रकाशित।
- शोध पत्र “इंसानियत की ज़मीर के रखवाले: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ” – अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘शोध समालोचन’ (ISSN: 2348-5639) के अप्रैल-जून 2025 अंक (खंड 12, अंक 2) में प्रकाशित। इस उत्कृष्ट शोध-कार्य हेतु डॉ. ‘अर्श’ को ‘Girdhari Lal Ghasi Ram Sihag Research Excellence Award’ से सम्मानित किया गया
- शोध पत्र “लेखन कला और उसकी विधाएँ ” – अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘शोध समालोचन’ (ISSN: 2348-5639) के जुलाई-सितंबर 2025 अंक (खंड 12, अंक 3) में प्रकाशित।
- शोध पत्र “सारागढ़ी का महायुद्ध: एक अदि्वतीय, अनुपम परंतु उपेक्षित वीर गाथा ” – अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘शोध समालोचन’ (ISSN: 2348-5639) के जुलाई-सितंबर 2025 अंक (खंड 12, अंक 3) में प्रकाशित।
- वीणा वादिनी सेवा मंच (पं.) छारबाग-फिरोजाबाद बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी न्यास द्वारा “लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक स्मृति सम्मान”। दिनंक: 23/07/2025
- विश्व हिन्दी साहित्य सेवा संस्थान, प्रयागराज, उ० प्र, भारत 9335155949 द्वारा डॉ० रंजीत सिंह ‘अर्श’, पुणे, महाराष्ट्र ने संस्थान द्वारा दिनांक 15.08.2025 को आयोजित 313वीं (45) ‘अकली कीजै दान’ विषयक राष्ट्रीय आभासी गोष्ठी में वक्ता के रुप में उद्बोधन प्रस्तुत कर सहभागिता निभाई। एतदर्थ यह प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।
- बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी (न्यास) फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश, सम्मान पत्र: श्री डॉ. रणजीत सिंह अरोरा ‘अर्श’’ निवासी पुणे, महाराष्ट्र जी आपकी राजभाषा हिन्दी सेवा, साहित्यिक, शैक्षणिक आदि को देखते हुए बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी परिवार आपको हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी दिवस “हिन्दी रत्न सम्मान” से अलंकृत करता है। दिनांक: 14 सितंबर 2025.।
- विश्व हिन्दी साहित्य सेवा संस्थान, नीम सराय कॉलोनी, मुण्डेरा, प्रयागराज, (उत्तर प्रदेश), द्वारा सम्मानित डॉ० रणजीत सिंह अरोरा, ‘अर्थ’, पूणे महाराष्ट्र को हिन्दी में उत्कृष्ट योगदान के लिए “डॉ० शहाबुद्दीन शेख विशिष्ट हिन्दी सेवी सम्मान-2025” से सम्मानित करते हुए संस्थान अपने आपको गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। दिनांक: 13/10/2025.
- विश्व हिन्दी साहित्य सेवा संस्थान, नीम सराय कॉलोनी, मुण्डेरा, प्रयागराज, (उत्तर प्रदेश) द्वारा डॉ० रणजीत सिंह अरोड़ा ‘अर्श’, पुणे, महाराष्ट्र ने संस्थान के द्वारा निर्माणाधीन स्नेहाश्रम के निमित्त सहयोग एकत्र करने में सर्वोत्कृष्ट भूमिका निभाई। एतदर्थ स्नेहाश्रम में सहयोग के लिए दिये जाने वाला सर्वोच्च सम्मान “स्नेहाश्रम सरताज-2024” से आपको सादर विभूषित किया जाता है।
सफर-ए-शहादत