माधव विज्ञान महाविद्यालय पूर्व छात्र संघ द्वारा विभूतियों का सम्मान
(पुराने साथी, सुनहरी यादें)
माधव विज्ञान महाविद्यालय, उज्जैन की गौरवशाली परंपरा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रही है, अपितु इस महाविद्यालय ने ऐसे व्यक्तित्वों को जन्म दिया है जिन्होंने समाज, प्रशासन, राजनीति, सेवा और सांस्कृतिक चेतना के विविध क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। इसी गौरवमयी परंपरा को पुनः जीवंत करने वाला एक अत्यंत आत्मीय, भावनात्मक और अविस्मरणीय अवसर दिनांक 09 मई 2026 की सायंकाल उज्जैन के दशहरा मैदान स्थित होटल आस्था में देखने को मिला, जब माधव विज्ञान महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ द्वारा अपने तीन विशिष्ट पूर्व छात्रों- श्री ओमप्रकाश जैन जी (अध्यक्ष : मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल), श्री रविंद्र सोलंकी जी (अध्यक्ष : उज्जैन विकास प्राधिकरण) तथा श्री संजय सक्सेना जी (डिस्ट्रिक्ट वाइस गवर्नर, लायंस क्लब उज्जैन) का भावभीना सम्मान किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें विशेष सम्मान पत्र, पुष्पगुच्छ एवं उपरणा भेंट कर अभिनंदित किया गया। यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, अपितु वर्षों पुरानी मित्रताओं, आत्मीय संबंधों, संघर्षों और विद्यार्थी जीवन की मधुर स्मृतियों का एक जीवंत पुनर्मिलन था।
होटल आस्था का वातावरण उस रात्रि सचमुच माधव विज्ञान महाविद्यालय के स्वर्णिम विद्यार्थी जीवन का जीवंत विस्तार बन गया था। चार दशक पुराने मित्र जब एक साथ मिले तो मानो समय स्वयं ठहर गया। महाविद्यालय के दिनों की राजनीतिक हलचलें, चुनावी वातावरण, खेल मैदानों की स्पर्धाएँ, कक्षाओं की शरारतें, मित्रताओं की आत्मीयता और संघर्षों से भरे वे दिन एक-एक कर स्मृतियों के झरोखों से बाहर आने लगे। सभी मित्रों ने बड़े प्रेम और मस्ती भरे अंदाज में उन दिनों को याद किया, जब “बब्बू” का आधा समोसा और पच्चीस पैसे की कट चाय भी किसी दावत से कम नहीं लगती थी। ब्लू, ब्लैक और रेड फाइलों का दौर, बटन टूटने की घटनाएँ, जूतों-मौजों को लेकर होने वाली चुहल, परीक्षा का तनाव और दोस्तों के बीच की वह निश्छल मस्ती- सब कुछ मानो उसी क्षण फिर से जीवंत हो उठा। वातावरण ठहाकों, आत्मीयता और भावुक स्मृतियों से भर गया था।
इस अवसर पर विशेष रूप से स्वर्गीय श्री लोकेश शर्मा जी को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया, जिनकी मित्रता और आत्मीयता आज भी सभी सहपाठियों के हृदय में जीवित है। साथ ही श्याम लालवानी जी, हाफिज़ कुरेशी जी, महेश सोनी जी, हरीश शुक्ला जी, प्रमोद पाठक जी, सुनील जायसवाल जी, आनंद जी, प्रवीण आचार्य जी, आबिद सर, नजमी जी, असीम जिंदल जी, अभिजीत कालखेरकर “बंडू”, श्री जयंत राठौड़ जी, नितिन डेविड जी, अजय गेहलोत जी, कमल शर्मा जी, विजय रावल जी, फिरोज कुरेशी जी सहित अनेक पुराने साथियों की मस्ती, मित्रता और विद्यार्थी जीवन की मधुर घटनाओं को बड़े आत्मीय भाव से याद किया गया। सभी मित्र आज भी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहते हुए उसी पुरानी आत्मीयता के साथ जुड़े हुए हैं, और इस अवसर पर उन सभी की यादों और मित्रता ने कार्यक्रम को और अधिक रंगीन एवं जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री संजय शर्मा जी, श्री राजेंद्र सिरोलिया जी, श्री हेमंत अरोरा जी, श्री अनिल जैन जी, मोहम्मद सादीक जी (रतलाम निवासी), भाई कामरान जी, आदरणीय जगदीश दादा, शाहिद हाशमी जी, अशोक सक्सेना जी एवं पुणे से डॉ. रणजीत सिंह अरोरा ‘अर्श’ सहित अनेक मित्रों ने उल्लेखनीय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन श्री संजय शर्मा जी ने अपने चिर-परिचित विनोदी और आत्मीय अंदाज में किया, जिसने पूरे समारोह में जीवंतता और गर्मजोशी का संचार कर दिया।
सम्मानित अतिथियों श्री ओमप्रकाश जैन जी एवं श्री रविंद्र सोलंकी जी ने अपने उद्बोधन में भावुक होकर अपने सहपाठी मित्रों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज वे जिस भी उत्तरदायित्वपूर्ण स्थान पर हैं, उसकी नींव माधव विज्ञान महाविद्यालय से प्राप्त शिक्षा, संस्कार और मित्रताओं ने ही रखी है। उन्होंने प्रदेश और समाज की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भविष्य में भी सभी मित्रों के साथ मिलकर जनहित में कार्य करने की भावना व्यक्त की।
कार्यक्रम का सबसे विशेष और रोमांचकारी क्षण वह रहा, जब मध्यप्रदेश के यशस्वी एवं विकासशील मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने पश्चिम बंगाल से ही श्री रविंद्र सोलंकी जी के मोबाइल के माध्यम से कार्यक्रम में अपनी आत्मीय उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री जी ने बड़े स्नेह और अपनत्व के साथ अपने सहपाठी मित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि माधव विज्ञान महाविद्यालय के पूर्व छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर महाविद्यालय और प्रदेश दोनों का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से श्री रवी भट्ट जी (निर्देशक : आकाशवाणी भोपाल) का स्मरण करते हुए सभी साथियों की उपलब्धियों की सराहना की तथा शीघ्र ही भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर सभी पूर्व छात्रों के लिए एक भव्य आयोजन करने का आमंत्रण भी दिया। इस आयोजन की जिम्मेदारी श्री रविंद्र सोलंकी जी एवं श्री ओमप्रकाश जैन जी ने स्वीकार की। साथ ही मुख्यमंत्री जी ने महाविद्यालय परिसर में एक विशाल एलुमिनाई कार्यक्रम आयोजित करने की सहमति देकर सभी मित्रों के उत्साह को और बढ़ा दिया।
इस शुभ अवसर पर महाविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष श्री अजय टिक्कू जी, श्री अभय सिरोलिया जी, श्री प्रमोद सम्मेले जी एवं श्री धीरेन्द्र मंडलोई जी ने भी विशेष रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। साथ ही कार्यक्रम में सम्मानित तीनों विभूतियों द्वारा महाविद्यालय के पूर्व छात्र एवं वृक्ष मित्र श्री अजय भातखंडे़ जी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पुणे से डॉ. रणजीत सिंह अरोरा ‘अर्श’ द्वारा श्री ओमप्रकाश जैन जी एवं श्री रविंद्र सोलंकी जी के लिए विशेष सम्मान पत्र तैयार कर भेजना भी कार्यक्रम की साहित्यिक एवं आत्मीय गरिमा को नई ऊँचाई प्रदान करने वाला क्षण रहा।
अंत में कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन श्री हेमंत अरोरा जी ने अपनी मधुर वाणी में करते हुए कहा कि जीवन में पद, प्रतिष्ठा और उपलब्धियाँ समय के साथ बदलती रहती हैं, परंतु विद्यार्थी जीवन की मित्रता और आत्मीयता सदैव अमर रहती है। कार्यक्रम के पश्चात सभी मित्रों ने स्नेह भोज का आनंद लिया और देर रात तक स्मृतियों, हँसी, आत्मीय चर्चाओं और पुरानी यादों का सिलसिला चलता रहा। वह शाम केवल एक आयोजन नहीं थी, अपितु जीवन के उन अनमोल क्षणों को पुनः जी लेने का अवसर थी, जिन्हें समय भी कभी पुराना नहीं कर सकता।