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डॉ. रणजीत सिंह ‘अर्श’ को मिला डॉ. शहाबुद्दीन शेख विशिष्ट हिंदी सेवी सम्मान 2025

डॉ. रणजीत सिंह ‘अर्श’ को मिला डॉ. शहाबुद्दीन शेख विशिष्ट हिंदी सेवी सम्मान 2025       भावपूर्ण श्रद्धांजलि: सदी के महानायक धर्मेंद्र जी की मधुर स्मृति में-

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Singh   ‘arsh.blog’ की SINGH category में सिख इतिहास की गौरवशाली धरोहर और सिख वीरों के शौर्य की अद्वितीय गाथाओं को समर्पित है। इस SINGH category में सिख धर्म की शिक्षाओं अनुसार गुरू पंथ के खालसाओं के सिखों की अमर कथाएं संक्षेप में प्रस्तुत की गई हैं। सिख योद्धाओं की वीरता, सेवा, त्याग, और मातृभूमि

550 साला श्री गुरु नानक प्रकाश यात्रा : एक ऐतिहासिक अध्याय

550 साला श्री गुरु नानक प्रकाश यात्रा : एक ऐतिहासिक अध्याय आरंभिक प्रस्तावना सन 2019 का वर्ष पूरी मानवता के लिए एक अविस्मरणीय कालखंड रहा। इस वर्ष ने हमें सतगुरु श्री गुरु नानक देव जी के पावन 550वें प्रकाश पर्व का वह अनुपम अवसर प्रदान किया, जिसने संपूर्ण विश्व को गुरु-वाणी के दिव्य संदेशों से

अकली किजै दान

(प्रबंधक कमेटी गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब द्वारा अगस्त / सितंबर 2025 में की गई निष्काम सेवाओं का ब्यौरा)- ੴ सतिगुर प्रसादि॥ लोक-कल्याण और परोपकार की अनन्य भावना को श्री गुरु रामदास जी ने अपने जीवन में जिस अद्भुत सात्विकता के साथ आत्मसात किया, वही आज भी सिख श्रद्धालुओं की आस्था और सेवाभाव का आधार बनी

बेबे का धैर्य, आस्था और चढ़दी कला 

बेबे का धैर्य, आस्था और चढ़दी कला  ੴ सतिगुर प्रसादि॥ पंजाब का एक गाँव बाढ़ की मार से कराह रहा था। चारों ओर कीचड़, टूटी-फूटी झोपड़ियाँ, बह गई फसलें और उजड़ चुके आँगन! सब कुछ विनाश की तस्वीर बन चुके थे। परंतु इस उजाड़ में भी, एक ऊँचे टीले पर बैठी बेबे का चेहरा किसी

शोध-पत्र: सारागढ़ी का महायुद्ध

शोध-पत्र: सारागढ़ी का महायुद्ध एक अद्वितीय, अनुपम, परंतु उपेक्षित वीरगाथा (सारागढ़ी युद्ध की 128वीं जयंती (12 सितंबर सन 2025 ई.) को समर्पित)  प्रस्तावना भारतीय इतिहास में अनेक युद्ध ऐसे घटित हुए हैं, जो वीरता और आत्मबलिदान की पराकाष्ठा के प्रतीक हैं, किंतु समय की धूल में उनकी गौरवगाथा ओझल हो गई। ऐसे ही एक अपूर्व

ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਜੀ: ਗੁਰੂ ਪੰਥ ਖਾਲਸਾ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਨਿਸ਼ਕਾਮ ਸੇਵਾਦਾਰ

ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਜੀ: ਗੁਰੂ ਪੰਥ ਖਾਲਸਾ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਨਿਸ਼ਕਾਮ ਸੇਵਾਦਾਰ ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਜੀ ਦਾ ਜਨਮ 1506 ਇਸਵੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਆਮ ਪਰਿਵਾਰ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ, ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜੀਵਨ ਨੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਦਾ ਇੱਕ ਮਜ਼ਬੂਤ ਸਤੰਭ ਬਣਾ ਦਿੱਤਾ। ਬਾਬਾ ਬੁੱਢਾ ਜੀ ਦਾ ਜਨਮ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਪਿੰਡ ਕੱਥੂ ਨੰਗਲ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ਸੀ, ਜਿੱਥੇ