सिख वीरांगना: बीबी हरशरण कौर पाबला
ੴ सतिगुर प्रसादि॥ चलते-चलते. . . . सफर-ए-शहादत (टीम खोज-विचार की पहेल) सिख वीरांगना: बीबी हरशरण कौर पाबला महला 1॥ भंडि जंमीऐ भंडि निंमिऐ भंडि मंगणु वीआहु॥ भंडहु होवै दोसती भंडहु चलै राहु॥ भंडु मुआ भंडु भालीऐ भंडि हौवे बंधानु॥ सो किउ मंदा आखिऐ जितु जंमहि राजान॥ भंडहु ही भंडु ऊपजै भंडै बाझु न कोइ॥ […]
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