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प्रसंग क्रमांक 83: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम कट्टू, ग्राम सोहिआना एवं ग्राम हंडियाना का इतिहास।

इस श्रृंखला के विगत प्रसंग क्रमांक 81 में ‘श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी’ के इतिहास से संबंधित भाई संघा जी के इतिहास से अवगत हुए थे। इसी इतिहास से संदर्भित ग्राम खीवां कला में गुरु जी की स्मृति में गुरुद्वारा साहिब सुशोभित है। इसी श्रृंखला में जब हम आगे बढ़ते हैं तो गुरु जी […]

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प्रसंग क्रमांक 82: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम पंधेर (बरनाला) एवं ग्राम शाहपुर का इतिहास।

‘श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी’ अपने पूरे परिवार और संगत के साथ ग्राम खीवां कला से चलकर कुछ दूर पर जब गए तो स्थानीय संगत आपके दर्शन-दीदार करने के लिए उपस्थित हुई थी। गुरु जी ने संगत को नाम-वाणी से जोडा़ था। इस यात्रा के दरमियान कुछ दूरी चलकर शाम हुई तो काफिले को

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प्रसंग क्रमांक 81: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम बछोआना एवं ग्राम खीवां कला का इतिहास।

श्रृंखला के विगत प्रसंग के अंतर्गत संगत (पाठकों) को भाई मुगलु जी के इतिहास से अवगत करवाया गया था। इस श्रृंखला के अंतर्गत हम जिस ग्राम का इतिहास जानने वाले हैं, वह ग्राम कनकवाल नामक ग्राम से 10 किलोमीटर और ग्राम गंडुआं से, यहां के भाई मुगलू जी निवासी थे। (विगत प्रसंग में हम सभी

प्रसंग क्रमांक 81: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम बछोआना एवं ग्राम खीवां कला का इतिहास। Read More »

प्रसंग क्रमांक 80: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम गंडुआं (मानसा) का इतिहास।

‘श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी’ सुबा पंजाब के मालवा प्रांत में धर्म प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर यात्राएं कर रहे थे। इस यात्रा में आप जी के साथ 300 के करीब संगत और गुरु जी का परिवार भी यात्राएं कर रहे थे। इस धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के तहत गुरु जी ग्राम गंडुआं में पहुंचकर एक

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प्रसंग क्रमांक 79: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी अपनी धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम समाउ एवं ग्राम कनकवाल का इतिहास।

‘श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी’ ग्राम धलेवां से चलकर आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम समाउ नामक स्थान पर पहुंचे थे। दूसरी और गुरु जी जब अपना धर्म प्रचार-प्रसार का दौरा सुबा प्रांत के मालवा प्रदेश में कर रहे थे तो वह अपने साथी-सेवादारों को अपने गृह नगर ‘चक नानकी’ पर भेज कर

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प्रसंग क्रमांक 78: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम धलेवां का इतिहास।

‘श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी’ ग्राम भोपाल से चलकर 17 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम धलेवां में पहुंचे थे। इस ग्राम में घने वृक्ष होने के कारण एक छोटा सा जंगल था। इस ग्राम में छठी पातशाही  ‘श्री गुरु हरगोविंद साहिब जी’ के समय का एक सिख निवास करता था जिसका नाम तुलसीदास था।

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प्रसंग क्रमांक 77: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम रल्ला, ग्राम जोगा और ग्राम भोपाल का इतिहास।

‘श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी’ अपनी धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा हेतु ग्राम शेर अली से चलकर ग्राम रल्ला और ग्राम जोगा में पहुंचे थे। ग्राम रल्ला और ग्राम जोगा दोनों ही ग्राम एक दूसरे के पास में स्थित है। जब गुरु जी ग्राम रल्ला में पहुंचे तो ग्राम की संगत गुरु जी के दर्शन-दीदार करने

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प्रसंग क्रमांक 76: ‘श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी’ की धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम अली शेर का इतिहास।

धन्य-धन्य गुरु ‘श्री तेग बहादर साहिब जी’ अपनी धर्म प्रचार प्रसार यात्रा हेतु ग्राम अली शेर नामक स्थान पर पहुंचे थे। वर्तमान समय में अली शेर नामक ग्राम में गुरु जी की स्मृति में दो गुरुद्वारे साहिब जी सुशोभित हैं। ग्राम के बाहरी इलाके में इस स्थान पर भव्य गुरुद्वारे का निर्माण चल रहा है। 

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प्रसंग क्रमांक 75: सफर-ए-पातशाही नौवीं श्रृंखला की समीक्षा।

इस श्रृंखला के अंतर्गत विगत 74 प्रसंगों में ‘श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी’ की जीवन यात्रा का इतिहास विस्तार से एक वृतांत के रूप में हमने संगत (पाठकों)  के सम्मुख रखने का अभिनय प्रयत्न  किया है। श्रृंखला के अनुसार अभी तक गुरु जी की यात्रा सूबा पंजाब के मालवा प्रांत के विभिन्न ग्रामीण अंचलों

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प्रसंग क्रमांक 74: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की धर्म प्रचार-प्रसार यात्रा के समय ग्राम भिखी का इतिहास।

‘श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी’ अपनी धर्म प्रचार-प्रसार यात्राओं के तहत सूबा पंजाब के मालवा प्रांत के मध्य अपना प्रचार दौरा करते हुए ग्राम भीखी नामक स्थान पर पहुंचे थे। ग्राम भिखी भटिंडा से 70 किलोमीटर की दूरी पर एवं संगरूर नामक स्थान से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ग्राम

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