राग धनासरी महला ९ में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की वाणी
राग धनासरी महला ९ में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की वाणी ੴ सतिगुरु प्रसादि ॥ धनासरी महला ९ ॥ काहे रे बन खोजन जाई ॥ सरब निवासी सदा अलेपा तोही संगि समाई ॥१॥ रहाउ ॥ पुहप मधि जिउ बासु बसतु है मुकर माहि जैसे छाई ॥ तैसे ही हरि बसे निरंतरि घट ही खोजहु भाई […]