अवसाद (Depression)–

Spread the love

अवसाद (Depression)–

अवसाद (Depression) से पीड़ित एक व्यक्ति एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक के पास गया। मनोचिकित्सक ने उसकी जांच की और पाया कि उस अवसाद पीड़ित व्यक्ति को कुछ नहीं हुआ है|

मनोचिकित्सक ने उस व्यक्ति से कहा, मुझे तो आप में किसी भी प्रकार की कोई शारीरिक व्याधि नजर नहीं आ रही है इसलिए मैं आपको कोई दवा लेने का सुझाव नहीं दूंगा। मेरी राय में वर्तमान समय में इस शहर में देश के प्रसिद्ध हास्य कलाकार “राजू श्रीवास्तव” का एक कॉमेडी शो चल रहा है आप उसे देखने जाएं और कॉमेडी शो में खूब जोर-जोर से खिलखिला कर हंसे। यदि आप ऐसा करेंगे तो आपका संपूर्ण दुख, तनाव और अवसाद दूर हो जाएगा। साथ ही इसका असर आप पर किसी भी दवा से ज्यादा गहरा और प्रभावशाली होगा कारण आपको किसी भी प्रकार की कोई शारीरिक व्याधि नहीं है| आप हंसना भूल गए हो, आप हंसना ही नहीं भूले अपितु हंसने की परिभाषा ही भूल गए हो! आपको अवसाद (Depression) से बाहर निकालने के लिए हंसने की परिभाषा को पुन: आत्मसात करना होगा| आपको किसी उपचार की आवश्यकता नहीं है. आपको खुलकर जोर-जोर से हंसने की जरूरत है| तो आप “राजू श्रीवास्तव” के कॉमेडी शो में जाएं और खूब जोर-जोर से खिलखिला कर नाभि तक से हंसें।

उस व्यक्ति ने अचंभित 🤔होकर मनोचिकित्सक से कहा “सर मैं ही राजू श्रीवास्तव” हूं|

हम सभी की यही स्थिति है, हम अपनी पहचान भूल गए हैं| निश्चित ही हम दूसरों को भले ही हंसा रहे हों परंतु स्वयं हंसना भूल गए. . . . . जिस खुशी को हम बाहर खोज रहे हैं वह तो हमारे स्वयं के भीतर में हैं।

इसलिए आओ खुलकर जोर-जोर से खिलखिला कर अपनी नाभि तक से हंसे और खूब हंसे!
😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂


Spread the love
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments